"तेरी रहमत का सहारा" ( ग़ज़ल)

"तेरी रहमत का सहारा" ( ग़ज़ल)

तेरी रहमत का सहारा है, ऐ खुदा तेरी रहमत का सहारा है।
हर दुख में भी दिल को चैन मिला, जब याद तेरा प्यारा है।

अंधियारे में जो दीप जला, तेरे नाम का उजियारा है,
तेरे दर से बढ़कर कोई ठिकाना, न और कोई किनारा है।

हर सांस में तेरा जप है बसा, हर धड़कन तेरा पुकारा है,
तेरी चाहत में ही जीना हमें, तेरी चाहत ही हमारा है।

राहे-सफ़र में तू हमसफ़र, तू ही मंज़िल का इशारा है,
तेरी नज़रों से ही खिलता चमन, तेरी करुणा का गुज़ारा है।

"जी आर" के लफ़्ज़ में गूँजे तेरा नाम, यही सबसे प्यारा है,
तेरी रहमत का सहारा है, ऐ खुदा तेरी रहमत का सहारा है।

जी आर कवियुर 
25 08 2025
(कनाडा, टोरंटो)

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